Rojgar Kise Kahte Hain – रोजगार की परिभाषा क्या है

Rojgar Kise Kahte Hain आज हर कोई कोई चाहता है कि वह अपने घर के लिए कुछ करें इसके लिए सब लोग आज रोजगार ढूंढ रहे है। मगर क्या आपको पता है की रोजगार किसे कहते है। आपने रोजाना आपने घर में किसी को काम पर जाते देखा होगा पर आखिर हम रोजगार को कैसे प्रीभासित कर सकते है इसकी पूर्ण जानकारी दी गई है। 

इस लेख में हम आपको विभिन प्रकार के जॉब और उनके परिभाषा को समझने में आपकी मदद करेंगे। इस वजह से आपको इस लेख के साथ अंत तक जुड़े रहना है। 

रोजगार किसे कहते है

Rojgar Kise Kahte Hain : – कोई भी ऐसा काम जिसे करने पर आपको कोई तनख्व या निश्चित पैसे दिए जाए उसे हम रोजगार कहते है। आसान भाषा में हम कोई ऐसा कार्य करते है जिसके लिए अगर हमें धन मिलता है तो किए गए काम को हम रोजगार कह सकते हैं। कहने का मतलब यह है कि हमारे द्वारा हर वह किया गया काम जिसके लिए हमें धन मिले उसे रोजगार कहते हैं। हम रोजगार करते हैं तो हमें धन की प्राप्ति होती है और उस दिन से हम अपने परिवार का जीवन निर्वाह और आवश्यकता की सारी चीजें खरीदने में सक्षम हो पाते हैं। 

रोजगार आवश्यकता क्यों

दोस्तों बिना रोजगार के आज के इस जमाने में अपने परिवार का एवं अपना जीवन यापन करना बहुत ही ज्यादा कठिन है। आज के समय में महंगाई इतनी ज्यादा चरम सीमा पर पहुंच चुकी है कि अब हर एक परिवार को अपने लिए आमदनी का स्रोत बनाना बेहद अनिवार्य हो चुका है। 

एक समय ऐसा हुआ करता था जब कोई भी व्यक्ति थोड़े बहुत काम करके अपनी आजीविका को आसानी से चला लिया करता था परंतु आज सामान्य रूप से भी जीविका को चलाना बहुत ही कठिन हो चुका है और इसके लिए रोजगार करना बेहद आवश्यक है। 

हमारे देश में अगर सबसे बड़ी समस्या किसी चीज की है तो वह है रोजगार की। अगर हम साधारण शब्दों में समझने का प्रयास करें तो आज के इस दौर में रोजगार प्रत्येक व्यक्ति के लिए बहुत ही आवश्यक है। 

क्योंकि बिना रोजगार के अपना एवं अपने दीवार का जीवन यापन करना बेहद कठिन है। रोजगार आप चाहो तो खुद का शुरू कर सकते हो या फिर सरकारी सहायता के जरिए भी आप अपना स्वयं का या फिर यूं कहें कि सरकारी नौकरी के जरिए अपने जीविका को चलाने के लिए रोजगार कर सकते हो।

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रोजगार के प्रकार  

चलिए अब हम आपको बताते हैं कि रोजगार कई तरह के होते हैं। रोजगार को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है। आइए रोजगार के तीनों भागों के बारे में पूरी तरह जानकारी नीचे इस आर्टिकल में आपको प्राप्त कराते हैं। 

स्वरोजगार 

रोजगार का पहला प्रकार है स्वरोजगार। स्वरोजगार एक ऐसा रोजगार है जिसकी शुरुआत एक आदमी के द्वारा की जाती है। अगर भविष्य में इस रोजगार में फायदा होता है तो यह फायदा सिर्फ और सिर्फ इस रोजगार के मालिक को होगा और यदि भविष्य में कोई नुकसान भी होता है तो नुकसान इस रोजगार के मालिक को ही होगा। स्वरोजगार का शाब्दिक अर्थ है कि खुद के द्वारा शुरू किया गया रोजगार जिसे स्वरोजगार कहते हैं। जब कोई व्यक्ति अपने और अपने परिवार की जीवन यापन के लिए किसी रोजगार का शुरुआत करता है तो वह रोजगार स्वरोजगार कहलाता है। 

जैसे कि कोई व्यक्ति अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए कोई दुकान खोलता है यह दुकान अगर वह अकेले खोलता है तो वह अपने जोखिम पर इस दुकान को खोला है। अगर भविष्य में इस दुकान के माध्यम से फायदा होता है तो इस दुकान से होने वाला सारा फायदा दुकान के मालिक को ही होगा लेकिन अगर भविष्य में दुकान से नुकसान होता है तो सारा नुकसान दुकान के मालिक का ही होगा। 

सरकारी नौकरी 

रोजगार के दूसरे प्रकार का नाम है सरकारी नौकरी। सरकारी नौकरी एक ऐसा रोजगार है जिसमें किसी भी व्यक्ति को उसके योग्यता से चुनाव किया जाता है और उससे सरकार द्वारा कार्य लिया जाता है। सरकार जो कार्य लेती है उसके बदले में उस व्यक्ति के योग्यता के अनुसार उसे धन प्राप्त कराती है। और उस धन से लोग अपने और अपने परिवार का जीवन यापन करते हैं तो उसे हम लोग सरकारी नौकरी कहते हैं। 

सरकारी नौकरी वाले लोगों को सरकार के द्वारा पर्याप्त मात्रा में धन दिया जाता है जिससे उनकी जिंदगी बहुत ही सरल तरीके से कट जाती है। सरकार के द्वारा सरकारी नौकरी करने वालों से लगातार एक महीने काम करना होता है और महीने के अंत में उन्हें पगार दिया जाता है जिससे वह अपने जीवन यापन को अच्छे से चला पाते हैं। 

हम आपको बता दें कि अगर सरकारी नौकरी करने वाले नौकरी से छुट्टी लेते है तो उनके तनख्वाह में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं होती है यानी कि जितना उनको तनख्वाह 1 महीने काम करने का मिलता है उतना ही तनख्वाह उनको तब भी मिलेगा अगर वह बीच में कुछ दिनों की छुट्टी ले लेते हैं। 

स्ववेतन रोजगार 

रोजगार का तीसरा और आखिरी प्रकार है स्ववेतन रोजगार। इस रोजगार के अंतर्गत इंसान किसी की प्राइवेट घर या फिर किसी के प्राइवेट ऑफिस में कार्य करता है जिसके लिए उससे पहले ही बता दिया जाता है कि उसको महीने भर काम करने पर इतने रुपए मिलेंगे। जब वह महीने भर काम करता है और उसके बाद निश्चित रूपए उसको दे दिए जाते हैं। 

इस रोजगार के अंतर्गत जो भी लोगों को काम पर रखा जाता है उनसे किसी भी प्रकार की डिग्री आदि के बारे में नहीं पूछा जाता है बस उन्हें काम पर रख लिया जाता है और उन्हें बता दिया जाता है कि उनको इतना तनख्वाह मिलेगा। ऐसी रोजगार को स्व वेतन रोजगार कहते हैं। 

इस रोजगार के अंतर्गत हमारी मालिक यानी कि जिसने हमें नियुक्त किया है वह जो भी कहेगा हमें वह करना होगा। अगर हम किसी कारणवश छुट्टी लेते हैं तो हमें उस दिन के पैसे नहीं मिलते हैं। कहने का मतलब यह है कि इस रोजगार में हम जितना काम करते हैं हमें उतने ही पैसे दिए जाते हैं। इसलिए इसे स्ववेतन रोजगार भी कहा जाता है। 

उम्मीद करते है ऊपर दी गई जानकारी से आप रोजगार के प्रकार और रोजगार के बारे में सब कुछ अच्छे से समझ पाए होंगे। 

रोजगार किसे कहते हैं? से संबंधित पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न एवं उनके उत्तर 

रोजगार से संबंधित पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों के यहां पर उत्तर बताए गए हैं। 

Q. रोजगार के कितने क्षेत्र होते हैं?

मुख्य रूप से रोजगार को तीन क्षेत्रों में बांटा गया है। स्वरोजगार, सरकारी नौकरी और स्ववेतन रोजगार।

Q  रोजगार का शाब्दिक अर्थ क्या है ?

रोजगार का शाब्दिक अर्थ है कि अगर हमें किसी कार्य को करने के बदले धन अर्जित होता है तो उसे रोजगार कहा जाता है।

Q. रोजगार की क्या विशेषताएं हैं?

अगर हमें रोजगार प्राप्त नहीं होगा तो हम अपने और अपने परिवार का जीवन यापन नहीं कर सकते हैं इसलिए हमें रोजगार प्राप्त होना बेहद जरूरी है क्योंकि रोजगार से हमें धन प्राप्त होता है।

Q. वैतनिक रोजगार किसे कहते हैं?

जिस काम के बदले हमें निश्चित रूप से महीना में वेतन मिले उस रोजगार को वैतनिक रोजगार कहते हैं।

निष्कर्ष 

हमने अपने आज के इस महत्वपूर्ण लेख में आप सभी लोगों को Rojgar Kise Kahte Hain से संबंधित विस्तारपूर्वक से जानकारी प्रदान की हुई है और हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई आज की यह जानकारी आपके लिए काफी ज्यादा यूज़फुल रही होगी और आपको इससे काफी ज्यादा इस विषय पर नॉलेज भी मिली होगी।

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