Police Full Form In Hindi – पुलिस का फुल फॉर्म क्या होता है जाने यहां पर

Police Full Form पुलिस एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही हमारे मन में जेल केस वरदी जैसी चीजे हमारे मन में आती है। मगर क्या आपको पता है कि पुलिस का भी फुल फॉर्म होता है। अगर आप Police Full Form के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो इस लेख के साथ अंत तक बने रहे। 

पुलिस एक तरह की सरकारी संस्था है जो देश में हो रहे जुर्म को नियंत्रण करने का काम करती है मगर बहुत कम लोगों को इसके फुल फॉर्म के बारे में पता होता है यह कोई अधिकारिक तौर पर बनाया गया फुल फॉर्म नहीं है मगर फिर भी आपको police full form के बारे में सभी प्रकार की जानकारी देंगे। 

पुलिस का फुल फॉर्म क्या होता है – Police Full Form

Police का फुल फॉर्म Public officer for legal investigations and criminal emergencies है। 

इनका एक खास किस्म का पोशाक होता है जिससे हम उनकी पहचान कर पाते है। पुलिस में अलग-अलग किस्म के होते होते है जो अपने नीचे काम कर रहे अन्य लोगों को आदेश देते है कि किस प्रकार से किसी है जुल्म को रोका जाए। 

Police क्या है

आपको बता दें कि पुलिस एक ऐसी संस्था होती है जो भारत पर हो रहे किसी भी प्रकार के अत्याचार या जुर्म के खिलाफ कार्य करती है और कानून के विरोध में हो रहे काम को बंद करती है और इसके लिए सजा दिलवाने के लिए गुनहगार को न्यायालय तक ले कर जाती है। हमारे समाज में पुलिस को ताकत का प्रतीक माना जाता है। लोग पुलिस के पास अपनी समस्या लेकर जाते हैं और उनके ऊपर हो रहे जुर्म के बारे में पुलिस को बताते है जिसके आधार पर पुलिस करवाई करती है। 

पुलिस का मुख्य उद्देश्य देश में हो रहे जुल्मों को रोकना है। इसके लिए पुलिस में विभिन्न प्रकार के अधिकारी होते हैं जिनकी ताकत और कार्य करने की सीमा हमारे संविधान द्वारा बांधी गई है। पुलिस की शुरुआत अंग्रेजों के जमाने से हुई थी उस समय भी पुलिस जनता को काबू करने का काम करती थी पर आज पुलिस का काम केवल लोगो पर अपना नियंत्रण चलाना नहीं है, बल्कि लोगो की रक्षा करना भी उनका काम है। 

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पुलिस का इतिहास

जैसा कि हमने आपको बताया पुलिस अंग्रेजों के जमाने से भारत में मौजूद है। अगर चेहरा से भारतीय इतिहास की बात करें तो 1612 में ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से इंग्लैंड देश के निवासी भारत में व्यापार करने आए थे उन्होंने विदेशी हथियारों को भारत में सूरत के रास्ते बेचना शुरू किया धीरे-धीरे उन्होंने पाया कि यहां पर जनता को काबू में रखने के लिए राजा किसी भी प्रकार के संस्था का इस्तेमाल नहीं करते। अगर आप भारत का इससे पहले का इतिहास देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि हमारे यहां राजा अपने सैनिकों के जरिए एक शिविर बाजार के मध्य में बनाते थे जहां लोग अपनी समस्या लेकर जाते थे और रोजाना उसका समाधान पाते थे। 

अंग्रेजों ने इस प्रक्रिया में कमी को पकड़ा और राजाओं से दोस्ती करके आसपास के सभी राजा को लड़ा कर अपना वर्चस्व जमा लिया। इसके बाद अंग्रेज यहां के लोगों पर राजगढ़ के अत्याचार करने लगी और अंधाधुन लूटमार फैलाने लगी। 1857 में विद्रोह की आग पर भी जो मंगल पांडे की जबान से होते हुए देश के हर बच्चे के जवान पर आ गई और अंग्रेजों के साथ लड़ाई शुरू की गई। 

अंग्रेजी इस बात को समझ गए कि वह इस देश को काबू नहीं कर सकते इस वजह से 1860 में उन्होंने पुलिस एक्ट का गठन किया। इस संगठन में भारतीय लोगों को पुलिस बना दिया जाता था जिसका नेता एक अंग्रेज होता था वह अंग्रेज भारतीय लोगों को पकड़ने और विद्रोह रोकने की ट्रेनिंग देता था इस तरीके में एक अंग्रेज के इशारे पर भारतीय भाई दूसरे भाई को अरेस्ट करते थे और उन्हें सजा सुनाते थे। 

आखिरकार 19वी में पुलिस एक्ट के द्वारा अंग्रेज किस प्रकार यहां के लोगों को परेशान कर रहा है यह बात सबके सामने आया और अंततः भगत सिंह और गांधी जैसे बड़े-बड़े विद्वान के दम पर 1947 हमारा देश आजाद हुआ। 

पुलिस का महत्व और कार्यप्रणाली

1947 में जब देश आजाद हुआ तो हमारे समक्ष एक बहुत बड़ी परेशानी थी भारत कोई छोटा मोटा देश नहीं था यहां करोड़ों की जनसंख्या थी और उसके बाद इन लोगों को काबू करने के लिए एक खास प्रकार के संगठन की आवश्यकता पड़ेगी इस वजह से अंग्रेजो के द्वारा बनाए गए पुलिस एक्ट की जरूरत पड़ी। 

पुलिस एक्ट में जिस प्रकार के नियम बिल्कुल उसी प्रकार के नियम हमारे भारतीय संविधान में भी लिखे गए हैं केवल यह बदलाव किया गया है कि कोई पुलिस अत्याचार ना कर पाए उसका काम देश में हो रहे जुर्म को पकड़ना है कौन सा व्यक्ति गलत काम कर रहा है उसे धरपकड़ के सजा देने के लिए न्यायालय लेकर जाना। 

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पुलिस की कमियां

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि 1947 में जिस संगठन को देश में हो रहे जुर्म को रोकने के लिए बनाया गया था आज 20 वीं सदी में वह दिन आ चुका है जब लोग पुलिस को देखकर डरने लगे है। 

कुछ ऐसे स्वार्थी नेता भारत में आए जो अपना इलेक्शन जीतने के लिए काफी अधिक पैसा खर्च किए थे और उनका मकसद नेता बनकर लगे हुए पैसे को अधिक से अधिक मात्रा में भरना है। इसके लिए एक नेता को बार बार इलेक्शन जीतना पड़ेगा और इलेक्शन जीतने के लिए लोगों को काबू करना सबसे जरूरी है। इस वजह से कुछ इलाकों के करप्ट नेता अपने जान-पहचान के या ऐसा कहे कि अपने लोगों को पुलिस में भर्ती करवा देते है। 

वह व्यक्ति पुलिस की नौकरी मिलेगी इस लालच में नेता का कहा मान लेता है और जिंदगी भर उस नेता के इशारे पर चलता रहता है वह नेता जितना चाहे उतना भ्रष्टाचार करता है और पुलिस उसका ही आदमी है इस वजह से उसके ऊपर किसी भी प्रकार का एक्शन नहीं लिया जाता। आजकल यह इतना अधिक बढ़ चुका है कि पुलिस को देखकर लोग डरने लगे है। 

चाहे जो भी हो, इस वक्त यह चीज अपने चरम सीमा पर नहीं पहुंची है आज भी पुलिस पर लोग बहुत अधिक विश्वास करते हैं और हमें अपने पुलिस पर विश्वास रखना भी चाहिए। देश के सभी लोगों को यह समझना चाहिए पुलिस की खोज उन्हें सुरक्षा देने के लिए की गई थी किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए नहीं। 

पुलिस के फुल फॉर्म संबंधित पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर

पुलिस का फुल फॉर्म क्या होता है? से संबंधित पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न एवं उनके उत्तर यहां पर हमने दिए हुए हैं तो अक्सर आप लोगों द्वारा ही पूछे जाते हैं अर्थात आप इन प्रश्नोत्तर को पूरा अवश्य पढ़ें। 

Q. पुलिस का फुल फॉर्म क्या है?

Police का फुल फॉर्म Public officer for legal investigations and criminal emergencies होता है।

Q. पुलिस का सबसे उच्च रैंक कौन सा है?

पुलिस का सबसे उच्च रैंक डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस का होता है।

Q. भारत में पुलिस की शुरुआत कब हुई?

भारत में पुलिस की शुरुआत अंग्रेजो के द्वारा 1860 में पुलिस एक्ट के दौरान की गई थी।

Q. Police क्यों बनाई गई?

पुलिस को बनाने के पीछे का मकसद देश में हो रहे जुर्म को काबू करना है।

निष्कर्ष

हमने अपने आज के इस महत्वपूर्ण लेख में आप सभी लोगों को Police Full Form के बारे में विस्तार पूर्वक से जानकारी प्रदान की हुई है और हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी आपको आसानी से समझ में आई होगी और आज के लिए काफी उपयोगी भी सिद्ध हुई होगी।

अगर आपके मन में हमारे आज के इस लेख से संबंधित कोई भी सवाल या फिर कोई भी सुझाव है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हो हम आपके द्वारा दिए गए प्रतिक्रिया का जवाब शीघ्र से शीघ्र देने का पूरा प्रयास करेंगे और हमारे इस महत्वपूर्ण लेख को शुरू से अंतिम तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद एवं आपका कीमती समय शुभ हो।

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