हॉलमार्क का चिन्ह कैसा होता है – Hallmark ka chinh Kaisa Hota Hai

Hallmark ka chinh Kaisa Hota Hai जब आप दुकान में सोना खरीदने जाएंगे तो वह सोना शुद्ध है या नहीं यह देखने के लिए उसमें विभिन्न प्रकार के मार्क होते है जिनके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए उनमें से एक चिन्ह हॉलमार्क का भी होता है जिसके बारे में बताते हुए आज के लेख में Hallmark ka chinh Kaisa Hota Hai के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई है उसे ध्यानपूर्वक पढ़ें। 

सोना एक कीमती वस्तु है जिसे भारत में लोग रोजाना नहीं खरीदते यह बहुत ही अधिक कीमत में मिलती है इस वजह से लोग डरे रहते है कि कहीं कोई उन्हें ठग न ले। सरकार इस परेशानी को देखते हुए हॉलमार्क का निशान सोने पर अनिवार्य कर दिया है। आपको हॉलमार्क का चिन्ह यह बताता है कि सोना शुद्ध है या नहीं, हॉलमार्क का चिन्ह कैसा होता है और इस निशान को कैसे पहचानते हैं इसके बारे में संपूर्ण जानकारी पाने के लिए हमारे लिख के साथ अंत तक बने रहे। 

हॉलमार्क का चिन्ह कैसा होता है

अगर हम भारतीय सरकार द्वारा बनाए गए हॉलमार्क के निशान की बात करें तो यह त्रिकोण आकार के जैसी एक चिन्ह होती है जिसके बीच में एक बिंदु बनी हुई होती है। 

पुराने जमाने में सोना खरीदने जब लोग जाते थे तो काफी ठग बैठे रहते थे जो बड़ी आसानी से उन्हें बेवकूफ बना देते थे सरकार इस परेशानी को समझती थी और सरकार ने आम जनता की मदद करने के लिए सन 2000 में हॉलमार्क चिन्ह को हर कीमती वस्तु पर लगाना अनिवार्य कर दिया। यह एक ऐसा निशान होता है जो भारतीय सरकार द्वारा लगाया जाता है और भारतीय सरकार उस सामान पर यह वादा करती है और आम जनता को सुनिश्चित करती है कि यह पूरी तरह से शुद्ध है और उसकी शुद्धता सरकार की निगरानी में रखी गई है। 

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हॉल मार्क क्या होता है

कीमती चीज है जो बाजार में बिक रही है जैसे सोना चांदी वह शुद्ध है या नहीं और लोग सही तरीके से उसके खरीद बिक्री कर रहे हैं या नहीं इसकी जांच करना BIS विभाग का काम है भारतीय सरकार एक निशान सन 2000 में भारत में रहने वाले व्यक्ति के समक्ष लेकर आती है जिसे हॉलमार्क के नाम से प्रसिद्ध कर दिया जाता है। यह निशान BIS का होता है जो सोना पर बनाया जाता है जिसे देखकर कोई भी आम व्यक्ति इस पर भरोसा कर सकता है कि सरकार ने इस सोने की शुद्धता की गारंटी दी है। 

ऐसा नहीं है कि ऐसे चिन्ह को केवल भारत में बनाया गया है इस तरह के मात्रक को अलग-अलग देश में अलग अलग नाम से जाना जाता है मगर पूरे विश्व में हर देश की सरकार एक ऐसा मात्रक रखती है जो आम जनता को यह सुनिश्चित करता है कि उसके द्वारा खरीदा गया सोना शुद्ध है और इसकी गारंटी सरकार देती है। एक हॉल मार्क वाला सोना से बना हुआ गहना बाकी गहने के मुकाबले महंगा होता है। इस वजह से एक सोना विक्रेता हमेशा यह चाहता है कि बिना हॉल मार्क वाला सोना बिक जाए मगर भारतीय सरकार सदैव ग्राहक से यह निवेदन करती है कि जब भी वे

 दुकान में जाएं बिना हॉल मार्क वाला सोना ना खरीदें। 

असली सोना कैसे पहचानते हैं

जैसा कि हमने आपको बताया एक असली सोने पर हॉलमार्क का निशान बना हुआ होता है इस तरह है एक सोने को सरकार 4 तरह के निशान लगाकर बाजार में भेजती है आपको जब भी कोई सोना खरीदना हो इन चारों तरह के निशान को सोने पर अवश्य ढूंढे। 

  • सोने पर हॉलमार्क का निशान होना चाहिए जो हॉलमार्क सेंटर की पहचान करता है।
  • सोने पर भारत सरकार के द्वारा चलाई जा रहे BIS संस्था का भी निशान होता है जो सोने की शुद्धता की गारंटी देता है। 
  • अलग-अलग ज्वेलरी का अलग-अलग कोड होता है जो एक सोने पर बना हुआ होता है। 
  • सोना कितने कैरेट का है यह भी लिखा हुआ होता है जो इस बात को सुनिश्चित करता है सोना पूरी तरह से शुद्ध है या नहीं। 

आपको बता दें कि पूरी तरह से शुद्ध सोना 24 कैरेट का होता है मगर 24 कैरेट के सोने से किसी भी प्रकार के आभूषण को नहीं बनाया जा सकता है इस वजह से उसमें थोड़ी सी मिलावट की जाती है अगर आप दुकान में किसी सोने के आभूषण को खरीदने जाते हैं तो सबसे शुद्ध सोने का आभूषण 22 कैरेट का होता है। इसके अलावा ऊपर बताए गए सभी प्रकार के निसाना अगर आपके खरीदे गए सोने पर बनाए हुए हैं तो आपने एक शुद्ध सोना खरीदा है। 

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हॉल मार्क लगा हुआ सोना कितने कैरेट का होता है

जैसा कि आपको पता होगा सोने की शुद्धता को क्या रेट में नापा जाता है और जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया एक पूरी तरह से शुद्ध सोना 24 कैरेट का होता है मगर चौबीस कैरेट शुद्ध सोने का इस्तेमाल हम किसी भी प्रकार के आभूषण बनने के लिए नहीं कर सकते। हालांकि जवाब दुकान में सोना खरीदने जाएंगे तो उसमें आपको चार प्रकार के निशान देखने को मिलेंगे उसमें से एक निशान आपको सोने के कैरेट के बारे में बताता है। 

अगर आप सोना खरीदने जाते हैं और उसमें 375 लिखा हुआ है तो इसका मतलब है कि 37.5% शुद्ध सोने का इस्तेमाल किया गया है। उसी तरह अगर आपके सोने पर 585 ही लिखा हुआ है तो इसका मतलब 58.5% शुद्ध सोने का इस्तेमाल किया गया है। इस प्रकार जितना शुद्ध सोना होगा उतना अधिक अंक लिखा होगा और सबसे आखरी वाले अंक को छोड़कर आप यह समझ सकते हैं कि कितने प्रतिशत शुद्ध सोने का इस्तेमाल किया गया है। 

बाजार में बिकने वाले सबसे शुद्ध सोने पर 916 लिखा हुआ होता है जिसका अर्थ होता है कि उसमें 91.6% शुद्ध सोने का इस्तेमाल किया गया है। भारतीय बाजार में इस सोने को सबसे शुद्ध या 24 कैरेट का सोना माना जाता है क्योंकि इससे अधिक शुद्ध सोना आभूषण या किसी भी प्रकार की सामग्री को बनाने के लिए उचित नहीं है। 

हॉल मार्क का चिन्ह कैसा होता है? से संबंधित पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न एवं उनके उत्तर

यहां पर हमने हॉल मार्क का चिन्ह कैसा होता है? से संबंधित आप लोगों द्वारा पूछे जाने वाले कई अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर दिए हुए हैं एक बार इन प्रश्नोत्तर को जरूर पढ़ें।

Q. शुद्ध सोना कितने कैरेट का होता है?

शुद्ध सोना 24 कैरेट का होता है।

Q. बाजार में खरीदा हुआ सोना कितने कैरेट का है यह कैसे पता करें?

जब आप बाजार से किसी भी सोने के आभूषणों को खरीदते हैं तो उस पर कोई नंबर लिखा हुआ होता है अगर आपके सोने पर 916 लिखा हुआ है तो यह बाजार का सबसे शुद्ध सोना है जिसमें 91% शुद्ध सोने का इस्तेमाल किया गया है इसके अलावा 585 और 320 जैसे अलग-अलग नंबर लिखे रहते हैं।

Q. हॉलमार्क का निशान कैसा होता है?

सोने पर भारतीय सरकार के तरफ से बनाया गया हॉलमार्क का निशान भी BIS संस्था के द्वारा बनाया जाता है जो त्रिभुज आकृति का होता है।

Q. हॉलमार्क का निशान क्यों बनाया जाता है?

भारत में खरीदे गए सोने पर भारतीय सरकार के तरफ से हॉलमार्क का निशान बनाया जाता है जिसे देखकर आप यह समझ सकते हैं कि भारतीय सरकार उस सोने की शुद्धता की गारंटी लेती है।

निष्कर्ष

हमने अपने आज के इस महत्वपूर्ण लेख में आप सभी लोगों को हॉल मार्क का चिन्ह कैसा होता है? से संबंधित विस्तार पूर्वक से जानकारी प्रदान की हुई है। हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई आज की यह महत्वपूर्ण जानकारी आपके लिए काफी हेल्पफुल और यूज़फुल साबित होगी।

अगर आपके लिए हमारी आज की यह महत्वपूर्ण जानकारी जरा सी भी उपयोगी साबित हुई हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ और अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करना ना भूले ताकि आप जैसे ही अन्य लोगों को भी इस महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में आप के जरिए पता चल सके एवं उन्हें ऐसा ही महत्वपूर्ण लेख पढ़ने के लिए कहीं और बार-बार भटकने की बिल्कुल भी आवश्यकता ना हो।

अगर आपके मन में हमारे आज के इसलिए से संबंधित कोई भी सवाल या फिर कोई भी सुझाव है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हो हम आपके द्वारा दिए गए प्रतिक्रिया का जवाब सीने से सीख देने का पूरा प्रयास करेंगे और हमारे इस महत्वपूर्ण लेख को अंतिम तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद एवं आपका कीमती समय शुभ हो। 

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