Education Ko Hindi Mein Kya Kehte Hain

Education Ko Hindi Mein Kya Kehte Hain एजुकेशन इन का अंग्रेजी शब्द है जिसका तात्पर्य शिक्षा से होता है। इस शब्द की उत्पत्ति लेटिन भाषा से हुई है इस वजह से इसके अलग-अलग अर्थ है। साथ ही विश्व के कुछ प्रचलित महापुरुषों ने इस शब्द को अलग अलग तरीके से परिभाषित किया है जिसके बारे में जानकारी देते हुए education ko hindi mein kya kehte hain के बारे में आज के लेख में बताया गया है। 

हर वह बच्चा जो स्वयं को शिक्षा से जुड़े हुए हैं या किसी भी प्रकार के ज्ञान को अर्जित कर रहा है उसे शिक्षा और एजुकेशन जैसे शब्दों का तात्पर्य सटीक तरीके से पता होना चाहिए क्योंकि एजुकेशन को हिंदी में क्या कहते हैं? यह किसी भी शिक्षा की शुरुआत की नींव होती है जो अध्ययन का हिस्सा बनने वाले उस छात्र या छात्रा के भविष्य को भी परिभाषित कर जाती है।  

Education Ko Hindi Mein Kya Kehte Hain

एजुकेशन एक अंग्रेजी शब्द है जिस का हिंदी में मतलब शिक्षा होता है। मगर यह शब्द का निर्माण लैटिन भाषा से हुआ है जिसने education को बनाने के लिए E और Ducation शब्द को जोड़ा गया है। 

लैटिन भाषा में E का तात्पर्य अंदर से है और Ducation का तात्पर्य निकालने से है। अर्थात Education का मतलब अंदर छिपी हुई प्रतिभा को बाहर निकालने से है। 

आज के जमाने में एजुकेशन एक शब्द बन चुका है जो शिक्षा ग्रहण करने वाली प्रणाली को संबोधित करता है मगर इस शब्द का शाब्दिक अर्थ इसी प्रतिभा खूबी को बाहर निकालने से है। हालांकि केवल किसी खूबी को निखार ना या बाहर निकालना ही एजुकेशन का मतलब नहीं होता किसी भी तरह की शिक्षा को ग्रहण करने की प्रणाली को हम शिक्षा कहते हैं इसके अलावा अलग-अलग सफल लोगों के द्वारा एजुकेशन को अलग अलग तरीके से परिभाषित किया गया है। 

शिक्षा को सबसे बेहतरीन तरीके से अमेरिका के प्रसिद्ध और सफल व्यक्ति साथ ही किसी जमाने में अमेरिका के सबसे रईस इंसानों में अपना नाम शुमार करने वाले हेनरी फोर्ड जिन्होंने मात्र पांचवी कक्षा तक शिक्षा ग्रहण की थी उन्होंने एजुकेशन की परिभाषा देते हुए कहा था कि – “अगर आप अपने आसपास मौजूद संसाधनों का इस्तेमाल इस तरीके से करते है, कि दूसरों के अधिकार का हनन किए बिना अपने पास मौजूद संसाधन का इस्तेमाल करते हुए सफलता की ओर बढ़ पा रहे है तो आपको एक शिक्षित व्यक्ति है”। 

हेनरी फोर्ड के अलावा अलग-अलग महापुरुषों ने शिक्षा या एजुकेशन को परिभाषित करते हुए कई दफा यह कहा है कि केवल अपने पास मौजूद संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल ताकि पैसा कमा सकें ही शिक्षा का तात्पर्य है। 

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एजुकेशन के प्रकार

जैसा कि अब तक आप समझ गए होंगे कि एजुकेशन का मतलब शिक्षा से है और शिक्षा लेने की प्रक्रिया मुख्य रूप से चार प्रकार में विभाजित की गई है जिसे नूतन शिक्षा, औपचारिक शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा कहते हैं। 

औपचारिक शिक्षा

किसी भी स्कूल महाविद्यालय विश्वविद्यालय कॉलेज में जिस तरीके से पढ़ाया जाता है इसे औपचारिक शिक्षा कहते हैं इसमें अलग-अलग छात्रों के लिए अलग-अलग कक्षाएं बनाई होती हैं और हर कक्षा को पास करने के लिए कुछ विषय दिए होते हैं जिन विषयों को अध्यायों में विभाजित किया गया रहता है। 

यह एक ऐसी शिक्षा होती है जिसे इस तरह तैयार किया जाता है कि बच्चों को बचपन से ही क्या पढ़ना है कैसे पढ़ना है का विवरण दिया जाता है और इस शिक्षा में समय ऊर्जा धन का अधिक व्यय करना पड़ता है। 

निरौपचारिक शिक्षा

यह शिक्षा भी औपचारिक शिक्षा की तरह ही होती है इसमें भी अलग-अलग कक्षाएं बनी होती है और एक विद्यार्थी को अलग-अलग विषय अध्याय के रूप में पढ़ाया जाता है और पहले से ही क्या पढ़ाना है कितना पढ़ाना है की एक सूची और ढांचा तैयार कर दिया जाता है। 

मगर यह शिक्षा किसी विद्यालय विश्वविद्यालय की दीवारों के अंदर सीमित नहीं होती इसे आप अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी ग्रहण कर सकते हैं अर्थात मुख्य रूप से इस शिक्षा को कामकाजी व्यक्ति के लिए बनाया गया है या कोई ऐसा व्यक्ति जो अपने समय पर शिक्षा प्राप्त ना कर सका और आने वाले समय में शिक्षा प्राप्त करना चाहता है तो निरौपचारिक शिक्षा के तरीके को अपना सकता है। 

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अनौपचारिक शिक्षा

एक खास किस्म की शिक्षा होती है जिसका मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति को खास प्रकार की शिक्षा देना नहीं होता है यह शिक्षा प्रणाली किसी पाठ्यक्रम या कक्षा के आधार पर निर्भर नहीं करता है। यह शिक्षा प्रणाली पूरे जीवन चलती है इसका परिभाषा के वाला इंसान के जीवन में छुपा हुआ है हम अपने पूरे जीवन अपने गतिविधि आचरण और व्यवहार की वजह से जो सीखते हैं या फिर किसी बड़े बुजुर्ग की बातों को सुनकर जिस प्रकार की शिक्षा हमें मिलती है उसे ही अनौपचारिक शिक्षा कहा जाता है। 

घर से मिलने वाला संस्कार धर्म के तरफ से दिए जाने वाला ज्ञान ही हमारी अनौपचारिक शिक्षा है जो हमारे व्यक्तित्व को बनाती है और जीवन में हम किस प्रकार अपने फैसलों को ले रहे हैं उसके लिए अहम भूमिका निभाती है इस वजह से अनौपचारिक शिक्षा पर हर व्यक्ति को बहुत अधिक ध्यान देना चाहिए क्योंकि यह इसके आने वाले भविष्य का निर्माण करती है। 

एजुकेशन का महत्व

एजुकेशन या शिक्षा क्या है यह अगर आप समझ गए हैं तो इसके महत्व को भी बहुत हद तक आप समझ पाए होंगे। जैसा कि हम सब जानते हैं भारत में गुरुकुल शिक्षा चलती थी जिसमें औपचारिक और अनौपचारिक दोनों किस्म की शिक्षा दी जाती थी आगे चलके अंग्रेज हमारी शिक्षा प्रणाली को बदलने का प्रयास किया और औपचारिक शिक्षा को मुख्य रूप से भारत में लागू कर दिया। 

इसके बाद शिक्षा या एजुकेशन को देखने का नजरिया ही हर किसी के लिए बदल गया इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए एजुकेशन के लाभ को समझाने का प्रयास किया गया है जिसे संक्षिप्त रूप से आपके समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है – 

  • शिक्षा हमें आत्मज्ञान की ओर ले कर जाती है एजुकेशन वह प्रक्रिया है जो एक व्यक्ति के व्यवहार और आचरण को बनाने का कार्य करती है। 
  • शिक्षा हमें सिखाती है कि हम किस प्रकार अपने आसपास के मौजूदा संसाधनों का इस्तेमाल करके बिना किसी के अधिकार का हनन की है कैसे अपने जीवन में सफल हो सकते हैं। 
  • Education वह प्रक्रिया है जो किसी भी बालक के अंदर छुपे हुए प्रतिभा को बाहर निकालने का कार्य करती है। 
  • जैसा कि एपीजे अब्दुल कलाम ने भी अपनी जीवनी में लिखा है की किसी भी चीज में सफल होने के स्वतंत्र रूप से फैसले लेना और सही तरीके से कार्य करना बहुत जरूरी है। इसे समझाते हुए उन्होंने बताया है कि जितना अधिक आपको इल्म होगा अर्थात किसी कार्य के प्रति आप जितना अधिक शिक्षा ग्रहण करेंगे आप उस क्षेत्र में उतनी ही आजादी के हकदार होंगे और आप उतनी ही सरलता से बड़े से बड़े फैसले ले पाएंगे जो आपकी सफलता के लिए जिम्मेदार होगा। 

उम्मीद करते हैं आप समझ गए होंगे कि शिक्षा या एजुकेशन क्या है साथ ही अलग-अलग लोगों ने इसे किस प्रकार परिभाषित किया है अंत में आपको केवल इतना समझने की आवश्यकता है कि शिक्षा आपको आपके क्षेत्र में फैसले लेने की आजादी देती है आप जितना अधिक इलमिया शिक्षा ग्रहण करेंगे आप अपने क्षेत्र में उतना ही अधिक बड़े से बड़े फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हो पाएंगे जो आपकी सफलता को सुनिश्चित करेगी। 

एजुकेशन से संबंधित पूछे जाने प्रश्न

यहां पर हमने एजुकेशन को हिंदी में क्या कहते हैं? से संबंधित आप लोगों द्वारा पूछे जाने वाले कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर दिए हुए हैं और यह प्रश्न आप लोगों द्वारा ही किए जाते हैं इसीलिए इन प्रश्नोत्तर को एक बार जरुर पढ़े।

Q. एजुकेशन का तात्पर्य क्या है?

एजुकेशन का तात्पर्य होता है बिना किसी के अधिकार का हनन किए आप अपने मौजूद संसाधन का इस्तेमाल करके सफलता की ओर आगे बढ़ना।

Q. एजुकेशन को हिंदी में क्या कहते हैं?

एजुकेशन एक अंग्रेजी शब्द है जो दो विभिन्न लैट्रिन शब्दों को मिलाकर बना है जिसे हिंदी में मतलब अंदर की प्रतिभा को बाहर निकालने से है।

Q. एजुकेशन कितने प्रकार की होती है?

एजुकेशन चार प्रकार की होती है जिसमें से वर्तमान भारत में जिस प्रकार की शिक्षा दी जा रही है वह एक औपचारिक शिक्षा है और प्राचीन भारत में जिस प्रकार की शिक्षा दी जाती थी वह औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा का मिश्रण था।

निष्कर्ष

हमने अपने आज के इस महत्वपूर्ण लेख में आप सभी लोगों को Education Ko Hindi Mein Kya Kehte Hain के बारे में विस्तार पूर्वक से जानकारी प्रदान की हुई है और हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई आज कि यह महत्वपूर्ण जानकारी आपके लिए काफी यूज़फुल और हेल्पफुल साबित होगी।

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