BCC full form in computer – BCC का मतलब क्या हैं

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BCC full form in computer अगर आपने ईमेल का इस्तेमाल किया है तो आपके दिमाग में यह आता होगा कि CC या BCC क्या है। आपकी जिज्ञासा को समझते हुए इस लेख में इस बात को विस्तार से समझाया गया है BCC full form in computer को विस्तारपूर्वक समझने के लिए अंत तक बनी रहे। 

BCC का फुल फॉर्म Blind Carbon Copy होता है। CC या BCC ईमेल सेवा का एक फीचर है जिसका इस्तेमाल वह लोग करते है जिन्हें एक ही ईमेल बहुत सारे लोगों को भेजना होता है। जब भी आप किसी को ईमेल भेजेंगे तो आपको स्क्रीन पर CC और BCC देखता होगा आपकी जिज्ञासा का अंत नीचे किया गया हैं। 

BCC full form in computer

बीसीसी का फुल फॉर्म ब्लाइंड कार्बन कॉपी या Blind Carbon Copy होता है। जब आपको एक ईमेल एक से ज्यादा लोग को भेजना है और आप नहीं चाहते हैं कि उस ईमेल को हर किसी के लिए बार-बार कॉपी पेस्ट किया जाए तब आप जितने लोग को ईमेल भेजना चाहते हैं उन सभी ईमेल को To सेक्शन में ना लिखकर BCC सेक्शन में लिख दीजिए। 

जितने लोगों का email id आप BCC सेक्शन में लिखेंगे उन लोगों को यह पता नहीं चलेगा कि यह मेले कितने लोगों को भेजा गया है या किसी और के साथ साझा किया गया है या नहीं उन्हें ऐसा लगेगा जैसे यह मेल केवल उन्हें ही भेजा गया है। 

आजकल यह फीचर हर मेल सेवा में दिया जाता है इसका इस्तेमाल ज्यादातर कंपनियां अपने कस्टमर और अपने एम्पलाई को मेल भेजने के लिए करती हैं। 

BCC in Computer क्या है

अगर आप अपने कंप्यूटर के स्क्रीन में बीसीसी लिखा देखे है और सोच रहे है कि इसका क्या अर्थ होता है तो हम आपको बता दें कि बीसीसी कंप्यूटर का हिस्सा नहीं है वह आपके कंप्यूटर में मौजूद ईमेल का एक हिस्सा है। 

आजकल हर कंप्यूटर या मोबाइल में ईमेल की सेवा प्रदान की जाती है अलग-अलग कंपनियां अलग-अलग नाम से ईमेल सेवा प्रदान करती है जैसे याहू मेल, आउटलुक, जीमेल, आजकल ज्यादातर लोग जीमेल का इस्तेमाल करते हैं। 

तो बीसीसी या सीसी लिखा हुआ आप अपने कंप्यूटर स्क्रीन पर तब ही देखेंगे जब आप मेल सेवा का इस्तेमाल करेंगे उम्मीद करते है ज्यादातर लोगों की तरह आप भी जीमेल का इस्तेमाल करते होंगे किसी को मेल भेजने या किसी मेल को रिसीव करने के लिए। 

जब आप किसी को मेल भेजने के लिए अपने जीमेल के कंपोज को ऑन करें गे तब आपको To का सेक्शन दिखेगा जहां पर आप उस इंसान के ईमेल डालते है जिससे आपको मेल भेजना हो। 

आप किसी भी मेल सेवा का इस्तेमाल करके किसी को मेल भेजते है तो आपको किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती मगर अनुमान लगाइए अगर आपको 50 या 60 लोगों को एक ही मेल भेजना हो तो आप बार-बार कॉपी करके परेशान हो जाएंगे। इसी परेशानी का समाधान BCC और CC के फीचर से मिलता है। 

अगर आपको बहुत सारे लोगों को इस तरह से मेल भेज ना हो कि उन्हें पता ना चले यह मेल बहुत सारे लोगों के साथ साझा किया गया है हर इंसान को ऐसा लगना चाहिए जैसे यह मेल उसके लिए लिखा गया हो तो ऐसी स्थिति में BCC का इस्तेमाल किया जाता है। 

BCC का इस्तेमाल कब करते हैं

जैसा कि अभी तक आप समझ गए होंगे कि बीसीसी का फुल फॉर्म क्या होता है और यह कैसे काम करता है। अब हम आपको बताते है कि बीसीसी का इस्तेमाल कब और कहां किया जाता हैं। 

जब आप के पास किसी कंपनी का मेल आता है तब आप यह देखते होंगे कि उसमें आपका नाम दिया गया है क्या आपने कभी यह सोचा है कि क्या वह कंपनी आपके लिए बैठकर मेल लिख रही होगी। जवाब है नहीं ऐसी ही स्थिति में हम BCC फीचर का इस्तेमाल करते हैं। 

जब किसी कंपनी को अपने बहुत सारे कस्टमर को किसी ऑफर के बारे में बताना होता है या बहुत सारे एंप्लोई को किसी काम के बारे में बताना होता है तब बहुत सारे लोगों को एक साथ मेल भेजने के लिए BCC फीचर का इस्तेमाल किया जाता है। 

आपको यह बात भी समझनी होगी कि बीसीसी और सीसी लगभग एक जैसे ही है मगर बीसीसी का इस्तेमाल ज्यादातर गुप्त मेल के लिए किया जाता है। अगर आपके पास बहुत सारे लोगों की मेल लिस्ट है और आप सब किसी को एक तरह का मेल भेजना चाहते है और आपकी यह ख्वाहिश है कि कोई भी व्यक्ति दूसरे व्यक्ति का मेल ना देख पाए तो आपको इस मेल लिस्ट को बीसीसी में डालना होगा वहीं दूसरी तरफ अगर आप चाहते है कि सारे लोग एक दूसरे का मेल देखकर यह समझ जाए की किस को यह मेल भेजा गया है तो इन सबको आप CC सेक्शन में डाल सकते हैं। 

CC क्या है

एक मेल फीचर जिसका इस्तेमाल हम तब करते हैं जब एक तरह के मेल बहुत सारे लोगों को भेजना होता है तो उसे हम cc कहते है। सीसी फीचर का जब हम इस्तेमाल करते हैं तो इसमें जिसमे लिस्ट को हम डालेंगे उसमें हर किसी के लिए मेल उजागर होगा मतलब हर व्यक्ति देख पाएगा यह मेल किसे भेजा गया है। 

बीसीसी और सीसी में क्या अंतर है

बीसीसी और सीसी दोनों ही मेल का एक फीचर है जिसका इस्तेमाल हम बहुत सारे लोगों को एक ही मेल भेजने के लिए करते है। इन दोनों फीचर में कोई खास अंतर नहीं होता है ज्यादातर इस्तेमाल कंपनी के लोग करते है ताकि वह एक बात बहुत सारे लोगों के साथ एक ही समय पर बता सकें। 

बीसीसी का इस्तेमाल तब करते है जब हम बहुत सारे लोगों को कुछ बात मेल के ज़रिए बताना चाहते है और  यह चाहते है कि कोई भी प्राप्तकरता दूसरे प्राप्तकर्ता का ईमेल या नाम ना देख पाए। 

दूसरी तरफ हम सीसी का इस्तेमाल तब करते है जब हम एक ही ईमेल बहुत सारे लोगों को भेजना चाहते है मगर हमें इस से कोई आपत्ति ना हो जब एक मेल प्राप्तकरता है किसी दूसरे मेल प्राप्तकर्ता का नाम देख ले। 

अगर आप दो या तीन लोग या फिर किसी एक आदमी को मेल करना चाहते हैं तब आपको बीसीसी और सीसी का प्रयोग नहीं करना चाहिए आप मेल में मौजुद To फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

बीसीसी को कैसे ऐड करें और निकाले

एक यूजर के रूप में संभवत जिस सबसे बड़ी समस्या का सामना आपको करना पड़ सकता है वह है बीसीसी को ऐड करना और बीसीसी को निकालना। जैसा कि आजकल ज्यादातर लोग जीमेल और माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक का इस्तेमाल कर रहे है तो हम आपको इन दोनों ईमेल सेवाओं में BCC का इस्तेमाल कैसे करते है यह बता रहे हैं। 

Microsoft Outlook में BCC का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले मैसेज में जाएं से ओपन करें और ऑप्शन टैब में Show Fields group में BCC पर क्लिक करें। BCC आपको हमेशा सेंड एरिया के नीचे CC के साथ दिखाई देगा। 

अगर आप इसका इस्तेमाल जीमेल में करना चाहते हैं तो जीमेल के कंपोज बटन को क्लिक करें और आपको To फीचर के नीचे बीसीसी और सीसी का विकल्प मिल जाएगा। 

उम्मीद करते हैं आप माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक और गूगल के जीमेल में भी सीसी और सीसी का इस्तेमाल करना समझ गए होंगे। 

BCC के लाभ

आपके कंप्यूटर में या मोबाइल में जब आप ईमेल सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं तब आपको बीसीसी का फीचर मिलता है जिसके बहुत सारे लोग है उनमें से कुछ के बारे में नीचे बताया गया हैं। 

  • बीसीसी के जरिए आप बहुत सारे लोगों को अपनी बात एक क्लिक में पहुंचा सकते हैं। 
  • बीसीसी के जरिए आप बिना किसी तीसरे प्राप्तकर्ता को पता चले अपने दूसरे प्राप्तकर्ता तक ईमेल पहुंचा सकते हैं। 
  • BCC का इस्तेमाल करके ज्यादा बहुत सारे लोगों को मेल भेजते हैं तो हर किसी को ऐसा लगता है जैसे यह मेल न केवल उन्हें भेजा गया है जो आपके फ्रेंड को और मजबूत बनाता है। 
  • इस फीचर का इस्तेमाल करके आप अपने कंपनी में एंप्लॉई इसके बीच की गई बातचीत को गोपनीय रख सकते हैं। 

FAQ About BCC full form in computer

Q: BCC का फुल फॉर्म क्या है?

ANS BCC का फूल फार्म Blind Carbon Copy होता है।

Q: BCC क्या है?

ANS लगभग हर ईमेल सेवा में मौजूद एक ऐसी फीचर होती है जिससे अब बहुत सारे लोगों को एक ही बार में अपनी बात पहुंचा सकते हैं तो उसे हम BCC कहते हैं।

Q: बीसीसी का इस्तेमाल कब करते हैं?

ANS जब हमें बहुत सारे लोगों को एक साथ कोई ईमेल भेजना हो और हम यह चाहते है की किसी प्राप्तकर्ता को किसी दूसरे प्राप्तकर्ता के बारे में पता ना चले तो हम बीसीसी फीचर का इस्तेमाल करते हैं।

Q: सीसी और बीसीसी में क्या फर्क है?

ANS सीसी का इस्तेमाल हम तब करते है जब हमें इस से कोई आपत्ति ना हो अगर किसी एक मेल प्राप्तकर्ता को किसी दूसरे प्राप्तकर्ता का ईमेल पता चल जाएगा। 

वहीं अगर हम किसी बात को सभी मेल प्राप्तकर्ता से गोपनीय रखना चाहते है तो हम बीसीसी का इस्तेमाल करते हैं। 

Q: बीसीसी इन कंप्यूटर का इस्तेमाल कहां करते हैं?

ANS अपने कंप्यूटर या अपने मोबाइल में पीसीसी का इस्तेमाल हम मेल भेजते वक्त करते हैं।

निष्कर्ष

उम्मीद करते है आप इस लेख को अच्छे से पढ़े होंगे और समझे होंगे आपको यह बता दें कि BCC का फीचर अगर आप अपने मेल में इस्तेमाल करते है तो आप अपने मेल को गोपनीय तरीके से बहुत सारे लोगों तक पहुंचा सकते है और यह ना केवल आपके बातचीत को आसान बनाती है बल्कि आपके व्यापार के बातचीत को गोपनीय रखने में भी मदद करती है। 

अगर इस लेख से BCC full form in computer की पूर्ण जानकारी मिली है तो इस लेख को अपने मित्रों के साथ साझा करें और अपने विचार हमें कमेंट करके जरूर बताएं। 

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मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं?, आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। धन्यवाद Gmail ID - [email protected]

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