बैंक कितने प्रकार का होता है – किसी भी बैंक में ऑनलाइन खाता कैसे खोलें

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आप अक्सर अलग-अलग बैंक में गए होंगे वहां और क्या आपको अलग-अलग प्रकार के बैंक में जाने के बाद यह ख्याल नहीं आता कि आखिर Bank kitne prakar ka hota hai अगर आपने भी कभी इस बारे में विचार किया है तो आप बिल्कुल सही जगह पर है इस लेख में हम आपको यह समझाने जा रहे है कि भारत में बैंक कितने प्रकार के होते हैं।  

आपको बता दें कि बैंक भारत में काफी अहम भूमिका निभाता है यह ना केवल पैसे का लेनदेन करता है बल्कि लोन देकर हमारे जीवन को और आसान बनाता है बैंक की वजह से देश भर में पैसे पर काबू किया जाता है और भारत में कोई सभी बैंक हो उसे भारत के राष्ट्रीय बैंक आरबीआई के द्वारा काबू किया जाता हैं। 

यह बात भी आपको समझ नहीं चाहिए कि RBI बाकी बैंकों की तरह नहीं होता यह हमारे लिए पैसों का लेनदेन नहीं करता है RBI भारत का राष्ट्रीय बैंक है आखिर यह कितने और कैसे प्रकार के बैंकों पर काबू पाता है इस बात को विस्तार पूर्वक समझने के लिए इस लेख के साथ जुड़े रहिए और जानिए Bank kitne prakar ka hota hai। 

बैंक क्या होता है और इसका कार्य क्या होता है

बैंक हमारे जीवन में अहम भूमिका निभाता है क्योंकि बैंक का मुख्य कार्य पैसों का लेनदेन करना होता है। आसान भाषा में अगर हम डिक्शनरी की बात करें तो एक डिक्शनरी के अनुसार बैंक वह स्थान होता है जो अपने ग्राहकों को जरूरत पड़ने पर पैसे देता है। 

अर्थात बैंक का मुख्य कार्य अपने ग्राहकों को पैसे देना है उसके ग्राहक वह लोग होते है जो पैसे मांगने आते है बैंक पैसे देने के बदले समय अनुसार ब्याज दर लगाता है अर्थात जो व्यक्ति पैसे लेकर जा रहा है वह सुनिश्चित समय पर जब पैसे लौटआएगा तो कुछ अधिक रकम को लौटाना होगा। 

अब अपने ग्राहकों को पैसा देने के लिए बैंक सभी लोगों से पैसा मांगता है यह कह कर के कि वह आपके पैसे को सुरक्षित अपने पास रखिएगा और जितने अधिक समय तक आप पैसे बैंक में छोड़ेंगे आपको उन पैसों पर कुछ रकम बढ़ा कर दिया जाएगा। 

अर्थात बैंक एक ऐसा जगह होता है जहां लोग पैसा मांगने जाते है और बैंक जिसे भी पैसा देता है इसके लिए एक सुनिश्चित समय निश्चित करता है जब वह व्यक्ति उस समय पर पैसे लौटाने आता है तो अपनी ली हुई रकम से कुछ अधिक रुपए लौटाता है जो बैंक की कमाई होती है। 

 बैंक के प्रकार

बैंक को चार विभिन्न प्रकार में विभाजित किया गया है जिनके नाम –

  • कमर्शियल बैंक
  • स्मॉल फाइनेंस बैंक
  • पेमेंट बैंक 
  • सहकारी बैंक 

कमर्शियल बैंक

यह वो बैंक होता है जिनका मुख्य कार्य लोगों के पैसों को जमा करना और जरूरतमंद लोगों को लोन के रूप में पैसे देना होता है। इस प्रकार के बैंक को फिर से 4 प्रकार के विभाजित किया गया है। 

  • सार्वजनिक क्षेत्र बैंक
  • निजी क्षेत्र बैंक
  • विदेशी बैंक
  • ग्रामीण क्षेत्रीय बैंक
  • सार्वजनिक क्षेत्र बैंक

आप अधिकांश जिस बैंक का भी नाम जानते हैं वह सार्वजनिक क्षेत्र बैंक में आता है भारत में मौजूद सभी प्रकार के बैंक में अधिकांश बैंक सार्वजनिक क्षेत्र बैंक है। इन बैंकों की खासियत यह है कि इस बैंक की 75% हिस्सेदारी सरकार के हाथ में होती है जिस वजह से हम इसे सरकारी बैंक कह सकते हैं। 

इस वक्त देश में 20 सार्वजनिक क्षेत्र बैंक मौजूद हैं जिनमें सबसे बड़ा बैंक एसबीआई है 5 बड़े बैंकों के विलय के बाद विश्व के शीर्ष 50 बैंकों में SBI अपना स्थान हासिल कर पाया है। 

  • निजी क्षेत्र बैंक

यह खास प्रकार के वह बैंक है जिनकी ज्यादातर हिस्सेदारी किसी एक व्यक्ति के पास या शेयरधारकों के पास होती है। भारत में RBI या सरकार के द्वारा लागू की जाने वाली बैंक के सभी नियम सभी बैंकों के लिए एक समान है इस वजह से यह बैंक निजी होने के बावजूद अपने हिसाब से कोई नियम नहीं बना सकते। 

  • विदेशी बैंक

क्या आपको पता है ऐसे भी बहुत सारे बैंक होते हैं जो किसी और देश के होते हैं मगर वह किसी अन्य देश में किसी प्राइवेट कंपनी की तरह काम करते है। भारत में भी ऐसे बहुत सारे बैंक हैं जो किसी और देश के है मगर वो भारत में अपने बैंक की सेवा देते है। मगर यह बैंक भी केवल उसी नियम का पालन कर सकते हैं जिसे भारत सरकार या RBI द्वारा बनाया गया है। 

विदेशी बैंक का सर्वोत्तम उदाहरण ऑस्ट्रेलिया बैंक या बैंक ऑफ अमेरिका है जिसका ऑफिस आपको भारत के विभिन्न शहरों में मिल जाएगा। 

  • ग्रामीण क्षेत्रीय बैंक

यह खास प्रकार के बैंक किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों को लोन देने के लिए शुरू किया गया है यह बैंक किसी बड़े बैंक की शाखा होती है जो क्षेत्रीय स्तर पर या छोटे शहर, गांव, कस्बों में अपना ऑफिस बना कर काम करती है आप इसे किसी शहर में भी देख सकते हैं। 

स्मॉल फाइनेंस बैंक

भारत में इस बैंक की शुरुआत उन लोगों को लोन देने के लिए की गई थी जिन्हें आसानी से पैसे नहीं मिल पाते है, जैसे किसान, मजदूर, छोटे उद्योग या छोटे व्यापारी को पैसा देने का कार्य करते है। यह बैंक बड़ी आसानी से लोन दे देते हैं इनका लोन बहुत बड़ा आया बहुत छोटा नहीं होता है यह खासतौर पर छोटे व्यापारी या छोटे उद्योग शुरू करने वाले लोगों के लिए बनाया गया हैं। 

पेमेट बैंक

यह एक खास किस्म का बैंक है जिसे अभी हाल ही में RBI के द्वारा शुरू किया गया है। इस बैंक में आप सीमित राशि को ही जमा कर सकते हैं वर्तमान में यह राशि ₹100000 रखी गई है इस बैंक को एटीएम, डेबिट, नेट बैंकिंग जैसी सेवा प्रदान करने के लिए बनाया गया है। 

सहकारिता बैंक

इस बैंक को आरबीआई के द्वारा सहकारी समिति अधिनियम के तहत 1912 में रजिस्टर किया गया है। यह बैंक ना फायदा ना नुकसान के सिद्धांत पर काम करते है यह बैंक छोटे व्यापारी और छोटे उद्योग चलाने वाले लोग को लोन देता है और भारत में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। ग्रामीण क्षेत्र में यह बैंक कृषि और पशु पालन से जुड़े व्यापार के लिए लोन प्रदान करता है। 

उम्मीद करते हैं आप यह समझ गए होंगे कि बैंक के कितने प्रकार होते हैं और भारत में बैंकों को इस तरह से बांटा गया है इसके अलावा बैंक को सूचित और अनुसूचित के आधार पर भी बांटा गया है मगर वह बीमा से जुड़ा हुआ है इस वजह से इस लेख में उसके बारे में चर्चा नहीं की जा रही है। 

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 बैंक में खाता कैसे खोल सकते है

आप अगर बैंक में खाता खुलवाना चाहते हैं तो आपको बता दें कि अगर आपको किसी भी प्रकार का लोन नहीं लेना है तो आप सार्वजनिक क्षेत्र बैंक में अपना खाता खुलवा सकते हैं। 

जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा भारत में विभिन्न प्रकार के बैंक होते है मगर उनमें सार्वजनिक क्षेत्र बैंक ही एक ऐसा बैंक है जो लोगों के पैसे को जमा करने का कार्य करता है इस बैंक की 75% हिस्सेदारी सरकार के पास होती है आप अपने आसपास जिस भी प्रकार का बैंक देख रहे है वह एक सार्वजनिक क्षेत्र बैंक का प्रकार है। 

इस तरह के बैंक में आप दो प्रकार से खाता खुलवा सकते हैं पहला ऑनलाइन प्रक्रिया और दूसरा ऑफलाइन प्रक्रिया। 

बैंक में ऑनलाइन खाता कैसे खोलें

ऑनलाइन प्रक्रिया में आप जिस भी बैंक का खाता खुलवाना चाहते हैं उस बैंक ऐप डाउनलोड करें और उसमें बताए गए निर्देशों का पालन करें इसके लिए आपके पास पैन कार्ड और आधार कार्ड होना आवश्यक है। 

बैंक में ऑनलाइन खाता कैसे खोलें 

अगर आप ऑफलाइन प्रक्रिया से अपना खाता खुलवाना चाहते हैं तो आपको आपके नजदीकी बैंक शाखा में जाना है और वहां खाता खुलवाने का फॉर्म भरकर जमा कर देना है इस प्रक्रिया में बैंक आपसे कुछ रकम मांग सकती है क्योंकि जब हम खाता खुलवा ते हैं तो सर्वप्रथम आपको कुछ राशि जमा करनी होती है जो अलग-अलग बैंक के लिए अलग-अलग होती है। 

जब आप अपनी मनचाही बैंक में फॉर्म भरकर कुछ राशि जमा करेंगे तो आपका खाता अपने आप उस बैंक में खुल जाएगा। 

उम्मीद करते हैं आप यह समझ गए होंगे कि बैंक में आप अपना खाता किस प्रकार खुलवा सकते हैं। 

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q. बैंक क्या होता है?

Ans. बैंक एक ऐसी जगह होती है जो अपने ग्राहकों को जरूरत के वक्त अपने ग्राहकों को एक सुनिश्चित समय के लिए पैसे प्रदान करती है।

Q. बैंक कैसे पैसा कमाती है?

Ans. बैंक पैसा कमाने के लिए लोगों से अपने बैंक में पैसा जमा करने को कहती है और उसके बाद वह यह पैसा जरूरतमंद को लोन के रूप में दे देती है जब वह व्यक्ति लोन के पैसे लौटआता है तो बैंक उससे ब्याज दर के हिसाब से थोड़ा अधिक पैसा लेती है और वह अधिक पैसा ही बैंक की कमाई होती है।

Q. भारत का सबसे बड़ा बैंक कौन सा है?

Ans. भारत का सबसे बड़ा बैंक SBI है जो विभिन्न पांच बैंकों के साथ विलय करने के पश्चात विश्व के शीर्ष 50 बैंकों में अपना स्थान हासिल कर पाया है।

Q. भारत में सबसे ज्यादा पैसा कमाने वाला कौन सा बैंक है?

Ans. भारत का HDFC बैंक भारत के सबसे ज्यादा पैसा कमाने वाले बैंकों में से एक है, HDFC बैंक भारत के टॉप 5 बड़ी कंपनियों में से एक हैं।

Q. बैंक में पैसा कितने समय में डबल होता है?

Ans. आपका पैसा बैंक में डबल होगा यह बैंक के दिए जाने वाले दर पर निर्भर करता है आजकल ज्यादातर बैंक 4% या 5% का ब्याज दर प्रदान करती है इस हिसाब से कम से कम 20 वर्ष का समय लगेगा आपके पैसे को दुगना होने में।

निष्कर्ष

हम उम्मीद करते हैं कि आप हमारे आज के इस लेख से जान गए होंगे कि बैंक कितने प्रकार के होते हैं? और अब आपको इस जानकारी के बारे में कहीं और सर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी। आपको हमारा यह कैसा लगा हमें आप कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

हम ने भारत में मौजूद सभी प्रकार के बैंकों को विस्तार पूर्वक समझाने का प्रयास किया है इस वक्त भारत में 50 से ज्यादा बैंक है लेकिन उन्हें चार प्रकार में विभाजित किया गया है अगर आप उद्योग खोलना चाहते है तो आपके लिए दूसरा बैंक है और अगर आप पैसा जमा करके ब्याज कमाना चाहते है तो आपके लिए दूसरा बैंक हैं। 
अगर ऊपर दी गई सभी जानकारियों को विस्तार पूर्वक सब पढ़ने के बाद आपको यह लगता है कि इस लेख ने Bank kitne prakar ka hota hai इस बात को विस्तार पूर्वक बताया है तो इस लेख को अपने मित्रो के साथ साझा करें।

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मैं उत्तर प्रदेश वाराणसी डिस्ट्रिक्ट का रहने वाला हूं और मैं एक दिव्यांग हूं। मुझे अलग-अलग विषयों पर आर्टिकल लिखना बहुत अच्छा लगता है और इसी को मैंने अपना जुनून बनाया है। मैं पिछले 3 वर्षों से आर्टिकल लेखन का कार्य कर रहा हूं। आपको हमारे द्वारा लिखे गए लेख कैसे लगते हैं?, आप हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। धन्यवाद Gmail ID - [email protected]

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